प्रॉपर्टी ख़रीदारों के लिए Form 26QB filing + TDS जमा + Form 16B जारी करना। Section 194-IA, ₹50 लाख या उससे अधिक की प्रॉपर्टी पर 1% TDS। CA द्वारा जाँची गई filing।
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Timeline: 1–3 days
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ऊपर दी गई सभी कीमतें व्यावसायिक शुल्क हैं — GST और सरकारी शुल्क अतिरिक्त। 50% डिलीवरी पर।
sale deed का draft, ख़रीदार + विक्रेता का PAN, प्रॉपर्टी का पता, बिक्री मूल्य।
बिक्री मूल्य या stamp duty value, जो भी ज़्यादा हो, उसका 1% (अगर यह ₹50 लाख या उससे अधिक है), जिसे ख़रीदार को काटकर जमा करना है।
income-tax e-filing portal पर e-Pay Tax के तहत Form 26QB (एक challan-cum-statement) भरना। TDS का भुगतान इसी form के ज़रिए होता है।
जिस महीने TDS काटा गया, उस महीने के अंत से 30 दिन के भीतर net banking या किसी अन्य e-Pay Tax तरीके से Form 26QB के ज़रिए TDS का भुगतान करना।
Form 16B (TDS certificate) बनाकर विक्रेता को उसके ITR के लिए देना।
अपनी आवश्यकता बताएँ, 30 मिनट में CA कॉल करेगा।
अगर प्रॉपर्टी का बिक्री मूल्य ₹50 लाख से अधिक है, तो ख़रीदार को 1% TDS काटकर सरकार के पास जमा करना होगा।
प्रॉपर्टी ख़रीदार के नाम register होने से पहले TDS जमा होना चाहिए — registrar कार्यालय TDS challan की जाँच करते हैं।
1) ख़रीदार TDS काटकर जमा करता है, 2) विक्रेता Form 16B का इस्तेमाल करके ITR file करते समय क्रेडिट क्लेम करता है।
TDS न काटने पर 1% प्रति माह ब्याज लगता है (काटकर देर से जमा करने पर 1.5% प्रति माह), और Section 271C के तहत TDS राशि तक penalty लग सकती है। Form 26QB देर से file करने पर Section 234E के तहत ₹200 प्रति दिन fee और Section 271H के तहत penalty लगती है।